

रिपोर्टर : दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मस्त फागुनी बयार होले होले बह कर वातावरण में एक उमंग का एहसास करा रही थी। वही सधे हुए गले से निकलकर शास्त्रीय संगीत के विभिन्न आयामों को अपने में समेटे सरगम की स्वर लहरिया वातावरण को झंकृत कर रही थी। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोता इन स्वर लहरियो से मुग्ध होकर खो से गए थे। अवसर था शहर के नेहरू पार्क के पीछे संगीत, भजन प्रेमी स्वर्गीय रामू सोनी की स्मृति में आयोजित शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का। कार्यक्रम में टेलीविजन सहित कई बड़े मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी इंदौर की शास्त्रीय गीत, भजन गायक स्मिता मोकाशी ने सुहानी शाम से देर रात्रि तक एक से बढ़कर एक शास्त्रीय गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर रसिक संगीत प्रेमियों की आत्मा को अपार संतुष्टि प्रदान की। उनकी हर प्रस्तुति पर श्रोता वाह-वाह कर झूम उठे। उनके साथ तबला संगत की मध्य प्रदेश की प्रथम महिला तबला वादिका संगीता अग्निहोत्री ने। जो उस्ताद जहांगीर खान के शिष्य पंडित दिनकर मुजूमदार की शिष्या है। शास्त्रीय गीत गायिका स्मिता मोकाशी पंडित अजय पोहनकर और पंडित शशिकांत ताम्बे की शिष्या है।

स्मिता जी ने पहले राग मालकोंस में बड़ा ख्याल और छोटे ख्याल की दो अलग अलग बंदिशे पेश की। बाद मे आपने राग खामाज में एक होरी ठुमरी सुनाई जिसके साथ साथ मनावर के रसिक श्रोताओ ने भी सुर से सुर मिलाया। ठुमरी के बाद स्मिता जी ने राग यमन में राम भजन सुनाया और कार्यक्रम की समाप्ति में उन्होंने राग भैरवी पर अपना आलाप छेड़ते हुए इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले … और एक विट्ठल भजन गाया। इनके गायन के साथ तबला वादन में संगीता अग्निहोत्री ने भी श्रोताओ की खूब दाद बटोरी।हारमोनियम संगत की संतोष अग्निहोत्री ने।
प्रारंभ में का कार्यक्रम के आयोजन रवि सोनी व प्रियंका सोनी ने गायक कलाकारों का पुष्प हार और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में रजत जैन, विश्वदीप मिश्रा, राजा पाठक, संदीप जाजमे, किशोर बागेश्वर, निकिता सिंघारे, दीपिका सोनी, बलराम कसेरा, नितेंद्र मंडवाल सहित बड़ी संख्या में गीत संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।